Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.10.17: उस समय ऋषियों ने वृत्रासुर के पास आकर उससे ये मधुर वचन कहे - 'दुर्जय वीर! यह सम्पूर्ण जगत् तुम्हारे तेज से व्याप्त है॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय ऋषियों ने वृत्रासुर के पास आकर उससे ये मधुर वचन कहे - 'दुर्जय वीर! यह सम्पूर्ण जगत् तुम्हारे तेज से व्याप्त है॥ 17॥
At that time the sages came to Vritraasura and said these sweet words to him - 'Durjaya Veer! This entire universe is pervaded by your brilliance.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥