Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.10.12: देवताओं! मेरे पराक्रम से इन्द्र विजयी होंगे। मैं उनके श्रेष्ठ अस्त्र वज्र में अदृश्य रूप से प्रवेश करुँगा। 12॥   |   mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.10.12 
भविष्यति जयो देवा: शक्रस्य मम तेजसा।
अदृश्यश्च प्रवेक्ष्यामि वज्रे ह्यस्यायुधोत्तमे॥ १२॥
 
 
अनुवाद
देवताओं! मेरे पराक्रम से इन्द्र विजयी होंगे। मैं उनके श्रेष्ठ अस्त्र वज्र में अदृश्य रूप से प्रवेश करुँगा। 12॥
 
Gods! Indra will be victorious with my might. I will enter his best weapon Vajra invisibly. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)