Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.1.25-26: राजन! भगवान श्रीकृष्ण के धर्म और अर्थ से परिपूर्ण, मधुर तथा दोनों पक्षों के लिए समान रूप से हितकारी वचन सुनकर उनके बड़े भाई बलरामजी ने उस वाणी की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अपना भाषण आरम्भ किया॥25-26॥ | mahabharat अध्याय 5.1: राजा विराटकी सभामें भगवान् श्रीकृष्णका भाषण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! भगवान श्रीकृष्ण के धर्म और अर्थ से परिपूर्ण, मधुर तथा दोनों पक्षों के लिए समान रूप से हितकारी वचन सुनकर उनके बड़े भाई बलरामजी ने उस वाणी की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अपना भाषण आरम्भ किया॥25-26॥
Rajan! After listening to the words of Lord Shri Krishna, full of religion and meaning, sweet and equally beneficial for both parties, his elder brother Balramji started his speech by praising that speech profusely. 25-26॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि सेनोद्योगपर्वणि पुरोहितयाने प्रथमोऽध्याय:॥ १॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत सेनोद्योगपर्वमें (द्रुपदके) पुरोहितका यात्राविषयक पहला अध्याय पूरा हुआ॥ १॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥