Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.1.22: यदि धृतराष्ट्र के पुत्र इसी प्रकार युद्ध करके इन पाण्डवों को कष्ट देंगे, तो उनके आग्रह पर ये भी युद्ध में वीरतापूर्वक उनका सामना करेंगे और उनका वध कर देंगे। सम्भव है कि आप लोग यह सोचते हों कि ये पाण्डव अल्पसंख्या में होने के कारण उन्हें परास्त करने में समर्थ नहीं हैं॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 5.1: राजा विराटकी सभामें भगवान् श्रीकृष्णका भाषण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि धृतराष्ट्र के पुत्र इसी प्रकार युद्ध करके इन पाण्डवों को कष्ट देंगे, तो उनके आग्रह पर ये भी युद्ध में वीरतापूर्वक उनका सामना करेंगे और उनका वध कर देंगे। सम्भव है कि आप लोग यह सोचते हों कि ये पाण्डव अल्पसंख्या में होने के कारण उन्हें परास्त करने में समर्थ नहीं हैं॥ 22॥
If the sons of Dhritarashtra will wage war like this and harass these Pandavas, then on their insistence, these too will face them bravely in the war and kill them. It is possible that you people think that these Pandavas are not capable of defeating them because they are in minority.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥