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mahabharat 4.71.d1: उन्होंने ही हिडिम्ब, बकासुर, किर्मीर और जटासुर का वध करके वन को पूर्णतः बाधारहित और सुखमय बनाया था।   |   mahabharat अध्याय 4.71: विराटको अन्य पाण्डवोंका भी परिचय प्राप्त होना तथा विराटके द्वारा युधिष्ठिरको राज्य समर्पण करके अर्जुनके साथ उत्तराके विवाहका प्रस्ताव करना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 71: विराटको अन्य पाण्डवोंका भी परिचय प्राप्त होना तथा विराटके द्वारा युधिष्ठिरको राज्य समर्पण करके अर्जुनके साथ उत्तराके विवाहका प्रस्ताव करना  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  4.71.d1 
(हिडिम्बं च बकं चैव किर्मीरं च जटासुरम्।
हत्वा निष्कण्टकं चक्रेऽरण्यं सर्वत: सुखम्॥ )
 
 
अनुवाद
उन्होंने ही हिडिम्ब, बकासुर, किर्मीर और जटासुर का वध करके वन को पूर्णतः बाधारहित और सुखमय बनाया था।
 
It was he who had made the forest completely free from obstacles and happy by killing Hidimba, Bakasur, Kirmir and Jatasur.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)