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mahabharat 4.71.30: फिर उन्होंने युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव के सिरों को बार-बार सूँघा और उन सभी को गले लगाया।   |   mahabharat अध्याय 4.71: विराटको अन्य पाण्डवोंका भी परिचय प्राप्त होना तथा विराटके द्वारा युधिष्ठिरको राज्य समर्पण करके अर्जुनके साथ उत्तराके विवाहका प्रस्ताव करना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 71: विराटको अन्य पाण्डवोंका भी परिचय प्राप्त होना तथा विराटके द्वारा युधिष्ठिरको राज्य समर्पण करके अर्जुनके साथ उत्तराके विवाहका प्रस्ताव करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  4.71.30 
समुपाघ्राय मूर्धानं संश्लिष्य च पुन: पुन:।
युधिष्ठिरं च भीमं च माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
फिर उन्होंने युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव के सिरों को बार-बार सूँघा और उन सभी को गले लगाया।
 
Then He smelled the heads of Yudhishthira, Bhima, Arjuna, Nakula and Sahadeva again and again and embraced them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)