श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 71: विराटको अन्य पाण्डवोंका भी परिचय प्राप्त होना तथा विराटके द्वारा युधिष्ठिरको राज्य समर्पण करके अर्जुनके साथ उत्तराके विवाहका प्रस्ताव करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  4.71.11 
वैशम्पायन उवाच
यदार्जुनेन ते वीरा: कथिता: पञ्च पाण्डवा:।
तदार्जुनस्य वैराटि: कथयामास विक्रमम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन्! जब अर्जुन ने पाँचों पाण्डव योद्धाओं का परिचय दिया, तब विराटकुमार उत्तर ने अर्जुन के पराक्रम का वर्णन किया॥11॥
 
Vaishampayanji says – King! When Arjuna introduced the five Pandava warriors, then Virat Kumar Uttar told about the bravery of Arjuna. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)