vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 7: युधिष्ठिरका राजसभामें जाकर विराटसे मिलना और वहाँ आदरपूर्वक निवास पाना
»
श्लोक 11
श्लोक
4.7.11
गोत्रं च नामापि च शंस तत्त्वत:
किं चापि शिल्पं तव विद्यते कृतम्॥ ११॥
अनुवाद
अपना कुल और नाम ठीक-ठीक बताओ और यह भी बताओ कि तुमने कौन-सी विद्या या कला में निपुणता प्राप्त की है॥ 11॥
‘Tell me your clan and name correctly. Also tell me which knowledge or art you have acquired proficiency in.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×