| श्री महाभारत » पर्व 4: विराट पर्व » अध्याय 68: राजा विराटकी उत्तरके विषयमें चिन्ता, विजयी उत्तरका नगरमें प्रवेश, प्रजाओंद्वारा उनका स्वागत, विराटद्वारा युधिष्ठिरका तिरस्कार और क्षमा-प्रार्थना एवं उत्तरसे युद्धका समाचार पूछना » श्लोक 8 |
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| | | | श्लोक 4.68.8  | उपयातानतिरथान् भीष्मं शान्तनवं कृपम्।
कर्णं दुर्योधनं द्रोणं द्रोणपुत्रं च षड् रथान्॥ ८॥ | | | | | | अनुवाद | | मैंने सुना है शान्तनुनन्दन भीष्म, कृपाचार्य, कर्ण, दुर्योधन, द्रोणाचार्य तथा द्रोणपुत्र अश्वत्थामा- ये छः वीर योद्धा युद्ध के लिये आये हैं।' 8॥ | | | | I have heard, Shantanunandan Bhishma, Kripacharya, Karna, Duryodhana, Dronacharya and Drona's son Ashwatthama - these six brave warriors have come for the war.' 8॥ | | ✨ ai-generated | | |
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