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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 68: राजा विराटकी उत्तरके विषयमें चिन्ता, विजयी उत्तरका नगरमें प्रवेश, प्रजाओंद्वारा उनका स्वागत, विराटद्वारा युधिष्ठिरका तिरस्कार और क्षमा-प्रार्थना एवं उत्तरसे युद्धका समाचार पूछना
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श्लोक 72
श्लोक
4.68.72
आचार्यपुत्रो य: शूर: सर्वशस्त्रभृतामपि।
अश्वत्थामेति विख्यातस्तेनासीत् संगर: कथम्॥ ७२॥
अनुवाद
जो समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ है, जो अश्वत्थामा नाम से विख्यात है, उस आचार्य के वीर पुत्र के साथ तुमने किस प्रकार युद्ध किया?॥ 72॥
How did you fight with the valiant son of Acharya, who is the best among all weapon holders, who is famous by the name of Ashwatthama?॥ 72॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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