यदि ह्येतत् पतेद् भूमौ रुधिरं मम नस्तत:।
सराष्ट्रस्त्वं महाराज विनश्येथा न संशय:॥ ६४॥
अनुवाद
महाराज! यदि मेरी नाक से बहता हुआ यह रक्त भूमि पर गिर जाता, तो समस्त राष्ट्र के साथ आपका भी नाश हो जाता; इसमें कोई संदेह नहीं है॥ 64॥
‘Maharaj! If this blood flowing from my nose had fallen on the ground, you would have perished along with the whole nation; there is no doubt about it.॥ 64॥