vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 68: राजा विराटकी उत्तरके विषयमें चिन्ता, विजयी उत्तरका नगरमें प्रवेश, प्रजाओंद्वारा उनका स्वागत, विराटद्वारा युधिष्ठिरका तिरस्कार और क्षमा-प्रार्थना एवं उत्तरसे युद्धका समाचार पूछना
»
श्लोक 4
श्लोक
4.68.4
उपतस्थु: प्रकृतय: समस्ता ब्राह्मणै: सह।
सभाजित: ससैन्यस्तु प्रतिनन्द्याथ मत्स्यराट्॥ ४॥
अनुवाद
तब ब्राह्मणों सहित सभी लोग उपस्थित हुए और सभी ने मत्स्यराज और उनकी सेना का स्वागत किया।
Then all the people including Brahmins were present. Everyone greeted and welcomed the King of Matsyas along with his army.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd