श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुन और भीष्मका अद्‍भुत युद्ध तथा मूर्च्छित भीष्मका सारथिद्वारा रणभूमिसे हटाया जाना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.64.6 
ततो भीष्म: शरानष्टौ ध्वजे पार्थस्य वीर्यवान्।
समार्पयन्महावेगाञ्छ्वसमानानिवोरगान्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली भीष्म ने फुंफकारते हुए सर्पों के समान आठ अत्यन्त वेगवान बाण पार्थ के ध्वज पर छोड़े।
 
Then the mighty Bhishma shot eight extremely rapid arrows, like hissing serpents, at Partha's flag.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)