श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुन और भीष्मका अद्‍भुत युद्ध तथा मूर्च्छित भीष्मका सारथिद्वारा रणभूमिसे हटाया जाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  4.64.39 
नेदं मनुष्या: संदध्युर्न हीदं तेषु विद्यते।
पौराणानां महास्त्राणां विचित्रोऽयं समागम:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
‘अन्य पुरुष इस दिव्यास्त्र का निशाना नहीं लगा सकते, क्योंकि किसी अन्य पुरुष के पास यह अस्त्र नहीं है। यहाँ प्राचीन काल के बड़े-बड़े अस्त्रों का अद्भुत संग्रह है॥ 39॥
 
‘Other men cannot aim this divine weapon because no other man has this weapon. Here is a wonderful gathering of the biggest weapons of ancient times.॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)