श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुन और भीष्मका अद्‍भुत युद्ध तथा मूर्च्छित भीष्मका सारथिद्वारा रणभूमिसे हटाया जाना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  4.64.32 
अतीव पाण्डवो भीष्मं भीष्मश्चातीव पाण्डवम्।
बभूव तस्मिन् संग्रामे राजंल्लोके तदद्‍भुतम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
राजा जनमेजय ! उस युद्ध में कभी पाण्डुपुत्र अर्जुन भीष्म से आगे निकल जाते, तो कभी भीष्म अर्जुन से आगे निकल जाते। यह संसार की एक अद्भुत बात थी ॥32॥
 
King Janamejaya! In that war, sometimes Pandu's son Arjun would surpass Bhishma, and sometimes Bhishma would surpass Arjun. This was a wonderful thing in the world. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)