श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुन और भीष्मका अद्‍भुत युद्ध तथा मूर्च्छित भीष्मका सारथिद्वारा रणभूमिसे हटाया जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  4.64.27 
अथ जिष्णुरुपावृत्य क्षुरधारेण कार्मुकम्।
चकर्त भीष्मस्य तदा जातरूपपरिष्कृतम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विजयी अर्जुन ने पास आकर छुरे की तीक्ष्ण धार वाले बाण से भीष्म के स्वर्ण-मंडित धनुष को काट डाला।
 
Thereafter the victorious Arjuna came near and cut off Bhishma's golden-adorned bow with an arrow having the sharp edge of a knife.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)