श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 64: अर्जुन और भीष्मका अद्‍भुत युद्ध तथा मूर्च्छित भीष्मका सारथिद्वारा रणभूमिसे हटाया जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  4.64.23 
प्राजापत्यं तथैवैन्द्रमाग्नेयं रौद्रदारुणम्।
कौबेरं वारुणं चैव याम्यं वायव्यमेव च।
प्रयुञ्जानौ महात्मानौ समरे तौ विचेरतु:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों महापुरुष प्रजापत्य, ऐन्द्र, आग्नेय, भयंकर रुद्र, कौबेर, वरुण, याम्य तथा वायव्य नामक अस्त्रों का प्रयोग करते हुए युद्धभूमि में घूम रहे थे। 23॥
 
Those two great men were roaming in the battlefield, using the weapons Prajapatya, Aindra, Aagneya, Bhaikar Rudra, Kauber, Varun, Yamya and Vayavya. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)