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mahabharat 4.60.12: यदि तुमने उपर्युक्त वनवास के नियमों का भलीभाँति पालन किया है, तो तुम धर्म और अर्थ के ज्ञाता हो। इसीलिए तुमने कष्ट सहा है और स्मरण करके अब मुझसे युद्ध करना चाहते हो॥ 12॥   |   mahabharat अध्याय 4.60: अर्जुन और कर्णका संवाद तथा कर्णका अर्जुनसे हारकर भागना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 60: अर्जुन और कर्णका संवाद तथा कर्णका अर्जुनसे हारकर भागना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  4.60.12 
यदि तावद् वने वासो यथोक्तश्चरितस्त्वया।
तत् त्वं धर्माथर्वित् क्लिष्ट: स मया योद्‍धुमिच्छसि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यदि तुमने उपर्युक्त वनवास के नियमों का भलीभाँति पालन किया है, तो तुम धर्म और अर्थ के ज्ञाता हो। इसीलिए तुमने कष्ट सहा है और स्मरण करके अब मुझसे युद्ध करना चाहते हो॥ 12॥
 
If you have followed the above rules of exile properly, then you are a knower of Dharma and Artha. That is why you have suffered and remembering that you want to fight with me now.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)