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पार्थं च सुमहाबाहुर्महावेगैर्महारथ:।
विव्याध निशितैर्बाणैर्मेघो वृष्टॺेव पर्वतम्॥ ३०॥
अनुवाद
जैसे बादल पर्वत पर जल बरसाते हैं, उसी प्रकार महाबाहु द्रोण अत्यन्त वेगवान तीक्ष्ण बाणों द्वारा पृथापुत्र अर्जुन को घायल कर रहे थे।
Just as a cloud pours down water on a mountain, similarly the mighty-armed warrior Drona was piercing Arjuna, son of Pritha, with sharp arrows of extremely high speed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥