Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 4.57.8: तब अर्जुन ने उनका नाम लेकर तथा अपनी पूरी शक्ति लगाकर अपना उत्तम शंख देवदत्त बजाया, जिससे बहुत जोर की ध्वनि हुई।   |   mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.57.8 
ततोऽर्जुन: शङ्खवरं देवदत्तं महारवम्।
प्रदध्मौ बलमास्थाय नाम विश्राव्य चात्मन:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने उनका नाम लेकर तथा अपनी पूरी शक्ति लगाकर अपना उत्तम शंख देवदत्त बजाया, जिससे बहुत जोर की ध्वनि हुई।
 
Then Arjuna, after reciting his name and applying all his strength, blew his excellent conch, Devadatta, which made a loud sound.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)