Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.57.37-38: फिर अर्जुन ने तीन बाणों से उनके रथ के तीन बंसी काट डाले, दो बाणों से उनके रथ का धुरा और भल्ल नामक बारहवें बाण से उनके रथ की ध्वजा काट डाली। इसके बाद इंद्र के समान शक्तिशाली फाल्गुन ने मुस्कुराते हुए कृपाचार्य की छाती में वज्र के समान प्रबल तेरहवें बाण से प्रहार किया। | mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर अर्जुन ने तीन बाणों से उनके रथ के तीन बंसी काट डाले, दो बाणों से उनके रथ का धुरा और भल्ल नामक बारहवें बाण से उनके रथ की ध्वजा काट डाली। इसके बाद इंद्र के समान शक्तिशाली फाल्गुन ने मुस्कुराते हुए कृपाचार्य की छाती में वज्र के समान प्रबल तेरहवें बाण से प्रहार किया।
Then with three arrows Arjuna cut off the three flutes of his chariot, with two arrows he cut off the axle of his chariot and with the twelfth arrow called Bhalla he cut off the flag of his chariot. After this Phalguna, who was as powerful as Indra, smilingly struck Kripacharya in the chest with his thirteenth arrow which was as strong as a thunderbolt.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥