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mahabharat 4.57.36: उसने एक बाण से उसके रथ का जूआ काट डाला, चार बाणों से उसके चारों घोड़ों को मार डाला तथा छठे बाण से सारथि का सिर काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  4.57.36 
अथास्य युगमेकेन चतुर्भिश्चतुरो हयान्।
षष्ठेन च शिर: कायाच्छरेण रथसारथे:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उसने एक बाण से उसके रथ का जूआ काट डाला, चार बाणों से उसके चारों घोड़ों को मार डाला तथा छठे बाण से सारथि का सिर काट डाला।
 
He cut the yoke of his chariot with one arrow, killed all the four horses with four arrows and with the sixth arrow beheaded the charioteer.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)