Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.57.19: तदनन्तर महाबली कुन्तीपुत्र अर्जुन ने क्रोध में भरकर बाणों की विचित्र कलाओं का प्रदर्शन करते हुए समस्त दिशाओं को बाणों की वर्षा से आच्छादित कर दिया तथा आकाश को सब ओर से घोर अन्धकार में डुबो दिया। | mahabharat अध्याय 4.57: कृपाचार्य और अर्जुनका युद्ध तथा कौरवपक्षके सैनिकोंद्वारा कृपाचार्यको हटा ले जाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर महाबली कुन्तीपुत्र अर्जुन ने क्रोध में भरकर बाणों की विचित्र कलाओं का प्रदर्शन करते हुए समस्त दिशाओं को बाणों की वर्षा से आच्छादित कर दिया तथा आकाश को सब ओर से घोर अन्धकार में डुबो दिया।
Then the mighty warrior, son of Kunti, Arjuna, filled with anger, demonstrating strange methods of shooting arrows, covered all directions with a shower of arrows and immersed the sky from all sides in absolute darkness.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥