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श्लोक  4.57.17 
पार्थोऽपि विश्रुतं लोके गाण्डीवं परमायुधम्।
विकृष्य चिक्षेप बहून् नाराचान् मर्मभेदिन:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने अपना विश्वविख्यात सर्वश्रेष्ठ अस्त्र गांडीव निकाला और अनेक भेदी बाण छोड़े।
 
Then Arjuna drew his world-renowned best weapon Gandiva (earthen blade) and released many piercing arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)