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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 53: अर्जुनका दुर्योधनकी सेनापर आक्रमण करके गौओंको लौटा लेना
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श्लोक 6
श्लोक
4.53.6
इमौ च बाणौ सहितौ पादयोर्मे व्यवस्थितौ।
अपरौ चाप्यतिक्रान्तौ कर्णौ संस्पृश्य मे शरौ॥ ६॥
अनुवाद
ये दोनों बाण एक साथ आकर मेरे पैरों के सामने गिरे और बाकी दो बाण मेरे दोनों कानों को छूकर निकल गए ॥6॥
These two arrows came together and fell in front of my feet and the other two arrows touched both my ears and went out. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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