vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 52: पितामह भीष्मकी सम्मति
»
श्लोक 16
श्लोक
4.52.16
भीष्म उवाच
अत्र या मामिका बुद्धि: श्रूयतां यदि रोचते।
सर्वथा हि मया श्रेयो वक्तव्यं कुरुनन्दन॥ १६॥
अनुवाद
भीष्म ने कहा, "हे कुरुपुत्र! यदि तुम्हें उचित लगे तो इस विषय में मेरी सलाह सुनो। मैं तुम्हें वही बताऊँगा जो तुम्हारे लिए हितकर है।"
Bhishma said, "O son of Kuru! If it suits you, then listen to my advice in this matter. I will tell you only what is beneficial for you." 16.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×