Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.51.6: यह समय आपस में संघर्ष करने का नहीं है; विशेषकर ऐसे समय में जब कुंतीपुत्र अर्जुन युद्ध के लिए तैयार है। पूज्य आचार्य द्रोण और कृपाचार्य को चाहिए कि वे सभी अपराधों को क्षमा कर दें। | mahabharat अध्याय 4.51: भीष्मजीके द्वारा सेनामें शान्ति और एकता बनाये रखनेकी चेष्टा तथा द्रोणाचार्यके द्वारा दुर्योधनकी रक्षाके लिये प्रयत्न । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह समय आपस में संघर्ष करने का नहीं है; विशेषकर ऐसे समय में जब कुंतीपुत्र अर्जुन युद्ध के लिए तैयार है। पूज्य आचार्य द्रोण और कृपाचार्य को चाहिए कि वे सभी अपराधों को क्षमा कर दें।
This is not the time to be in conflict with each other; especially at a time when Kunti's son Arjun is ready for the war. The venerable Acharya Drona and Kripacharya should forgive all offences.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥