तथाधिगम्य वित्तानि को विकत्थेद् विचक्षण:।
निकृत्या वञ्चनायोगैश्चरन् वैतंसिको यथा॥ ९॥
अनुवाद
जैसे शिकारी छल-कपट से जीविका कमाता है, वैसे ही कौन बुद्धिमान मनुष्य छल-कपट से धन प्राप्त करके अपने पर गर्व करेगा? ॥9॥
Just as a hunter earns his living by deceit and fraud, similarly, which wise man, having obtained wealth by deceitful means, will boast of himself? ॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)