Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.50.21: धार्मिक लोग मानते हैं कि गुरु को पुत्र के बाद शिष्य ही सबसे प्रिय होता है, इसी कारण पाण्डु नन्दन अर्जुन आचार्य द्रोण को भी प्रिय हैं [तो वे उनकी स्तुति क्यों न करें?]॥21॥ | mahabharat अध्याय 4.50: अश्वत्थामाके उद्गार । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धार्मिक लोग मानते हैं कि गुरु को पुत्र के बाद शिष्य ही सबसे प्रिय होता है, इसी कारण पाण्डु नन्दन अर्जुन आचार्य द्रोण को भी प्रिय हैं [तो वे उनकी स्तुति क्यों न करें?]॥21॥
Religious people believe that the disciple is dearest to the Guru after the son, this is also why Pandu Nandan Arjun is dear to Acharya Drona [so why should he not praise him?]॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥