श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 50: अश्वत्थामाके उद्‍गार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  4.50.16 
वैरान्तकरणो जिष्णुर्न न: शेषं करिष्यति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
क्या हमारे वैर का बदला लेने वाला अर्जुन हमारा नाश नहीं करेगा? ॥16॥
 
Will not Arjuna, who is avenging our enmity, destroy us? ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)