Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.5.18-19: कौरवों में श्रेष्ठ अर्जुन ने एक ही रथ के द्वारा समस्त देवताओं और मनुष्यों को जीत लिया था, अनेक समृद्ध जनपदों पर विजय पताका फहरा दी थी, दिव्य बलवान दैत्यों और राक्षसों की सेनाओं का संहार कर दिया था, जिनकी टंकार दूर-दूर तक फैलती है; अर्जुन ने उस विशाल और अत्यंत भयंकर गाण्डीव धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई थी। | mahabharat अध्याय 4.5: पाण्डवोंका विराटनगरके समीप पहुँचकर श्मशानमें एक शमीवृक्षपर अपने अस्त्र-शस्त्र रखना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कौरवों में श्रेष्ठ अर्जुन ने एक ही रथ के द्वारा समस्त देवताओं और मनुष्यों को जीत लिया था, अनेक समृद्ध जनपदों पर विजय पताका फहरा दी थी, दिव्य बलवान दैत्यों और राक्षसों की सेनाओं का संहार कर दिया था, जिनकी टंकार दूर-दूर तक फैलती है; अर्जुन ने उस विशाल और अत्यंत भयंकर गाण्डीव धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई थी।
Arjuna, the best of the Kurus, had conquered all the gods and men with the help of a single chariot and had hoisted the flag of victory over several prosperous districts, had destroyed the armies of the divinely powerful demons and the demons, whose twanging sound spreads far and wide; Arjuna strung the string of that large and extremely fearsome Gandiva bow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥