श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 49: कृपाचार्यका कर्णको फटकारते हुए युद्धके विषयमें अपना विचार बताना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  4.49.3 
देशकालेन संयुक्तं युद्धं विजयदं भवेत्।
हीनकालं तदेवेह फलं न लभते पुन:।
देशे काले च विक्रान्तं कल्याणाय विधीयते॥ ३॥
 
 
अनुवाद
देश और काल के अनुसार लड़ा गया युद्ध विजय दिलाता है; किन्तु अनुचित समय पर लड़ा गया युद्ध सफल नहीं होता। देश और काल के अनुसार दिखाया गया पराक्रम ही लाभदायक होता है॥3॥
 
A war fought according to the place and time leads to victory; but a war fought at an inappropriate time is not successful. Only the valour shown according to the place and time is beneficial.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)