श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 43: बृहन्नलाद्वारा उत्तरको पाण्डवोंके आयुधोंका परिचय कराना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.43.9 
इन्द्रगोपकचित्रं च यदेतच्चारुदर्शनम्।
राज्ञो युधिष्ठिरस्यैतद् वैराटे धनुरुत्तमम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उत्तर! जिस धनुष पर 'इन्द्रगोप' (वीरबाहुति) नामक कीड़ा अंकित है और जो देखने में सुन्दर है, वही उत्तम धनुष राजा युधिष्ठिर का है।
 
Answer! The one on which the insect named 'Indragopa' (Veerbahuti) is depicted and which is beautiful to look at, is the same excellent bow that belongs to King Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)