एतद् वर्षसहस्रं तु ब्रह्मा पूर्वमधारयत्।
ततोऽनन्तरमेवाथ प्रजापतिरधारयत्॥ ५॥
त्रीणि पञ्चशतं चैव शक्रोऽशीति च पञ्च च।
सोम: पञ्चशतं राजा तथैव वरुण: शतम्।
पार्थ: पञ्च च षष्टिं च वर्षाणि श्वेतवाहन:॥ ६॥
अनुवाद
पूर्वकाल में ब्रह्माजी ने इसे एक हजार वर्षों तक धारण किया था। तत्पश्चात प्रजापति ने इसे पाँच सौ तीन वर्षों तक अपने पास रखा। तत्पश्चात इन्द्र ने इसे पचासी वर्षों तक धारण किया। इन्द्र के पश्चात सोम ने इसे पाँच सौ वर्षों तक तथा राजा वरुण ने इसे सौ वर्षों तक धारण किया। तत्पश्चात श्वेत वाहनधारी अर्जुन इसे पैंसठ वर्षों तक धारण करते रहे हैं। ॥5-6॥
In the past, Brahmaji wore it for a thousand years. Thereafter Prajapati kept it with him for five hundred and three years. Then Indra kept it for eighty-five years. After Indra, Som wore it for five hundred and King Varun wore it for a hundred years. Thereafter, the white-vehicled Arjun has been wearing it for sixty-five years. ॥5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)