श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 43: बृहन्नलाद्वारा उत्तरको पाण्डवोंके आयुधोंका परिचय कराना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  4.43.20 
वैयाघ्रकोश: सुमहान् भीमसेनस्य सायक:।
गुरुभारसहो दिव्य: शात्रवाणां भयंकर:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन की वह महान तलवार, जिसका म्यान बाघ की खाल से बना है, भारी भार वहन करने में समर्थ है, दिव्य है और शत्रुओं के लिए भयानक है।
 
The great sword whose sheath is made of tiger skin belongs to Bhimasena. It is also capable of bearing a heavy load, is divine and is terrifying for the enemies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)