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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 42: उत्तरका बृहन्नलासे पाण्डवोंके अस्त्र-शस्त्रोंके विषयमें प्रश्न करना
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श्लोक 9
श्लोक
4.42.9
कस्येमे पृथवो दीर्घाश्चन्द्रबिम्बार्धदर्शना:।
शतानि सप्त तिष्ठन्ति नाराचा रुधिराशना:॥ ९॥
अनुवाद
ये सात सौ मोटे, विशाल और अर्धचन्द्राकार बाण किसके हैं जो शत्रुओं का रक्त पीते हैं? ॥9॥
Whose are these seven hundred thick, huge and crescent shaped arrows which drink the blood of the enemies? ॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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