श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 42: उत्तरका बृहन्नलासे पाण्डवोंके अस्त्र-शस्त्रोंके विषयमें प्रश्न करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  4.42.11 
गुरुभारसहो दिव्य: शात्रवाणां भयंकर:।
कस्यायं सायको दीर्घ: शिलीपृष्ठ: शिलीमुख:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यह विशाल तलवार किसकी है, जिसकी पीठ पर मेंढक की आकृति है और जिसका मुख भी मेंढक के मुख के समान है, जो भारी भार वहन करने में समर्थ है, दिव्य है और शत्रु सेना के लिए भयंकर है? ॥11॥
 
Whose is this huge sword, which has the image of a frog on its back and the mouth of which is also shaped like a frog's face, capable of bearing a heavy load, divine and fearsome for the enemy forces? ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)