Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.41.3: हे बृहन्नला! यदि मैं शव का स्पर्श करूँ, तो शववाहकों के समान अशुद्ध हो जाऊँगा; फिर तुम मेरे उपयोग के लिए युद्ध कैसे कर सकोगे?॥3॥ | mahabharat अध्याय 4.41: उत्तरका अर्जुनके आदेशके अनुसार शमीवृक्षसे पाण्डवोंके दिव्य धनुष आदि उतारना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्पृष्टवन्तं शरीरं मां शववाहमिवाशुचिम्।
कथं वा व्यवहार्यं वै कुर्वीथास्त्वं बृहन्नले॥ ३॥
अनुवाद
हे बृहन्नला! यदि मैं शव का स्पर्श करूँ, तो शववाहकों के समान अशुद्ध हो जाऊँगा; फिर तुम मेरे उपयोग के लिए युद्ध कैसे कर सकोगे?॥3॥
O Brihannala! If I touch a corpse, I will become impure like the corpse-bearers; then how will you be able to fight a war in a way that puts me to use?॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥