श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 39: द्रोणाचार्यद्वारा अर्जुनके अलौकिक पराक्रमकी प्रशंसा  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.39.15 
दुर्योधन उवाच
यद्येष पार्थो राधेय कृतं कार्यं भवेन्मम।
ज्ञाता: पुनश्चरिष्यन्ति द्वादशाब्दान् विशाम्पते॥ १५॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा- राधानन्दन! यदि यह अर्जुन है, तो मेरा कार्य सिद्ध हो गया। अंगराज! अब ये पाण्डव बारह वर्षों तक वन में भटकेंगे, क्योंकि इनकी पहचान हो चुकी है।
 
Duryodhan said- Radhanandan! If this is Arjun, then my task is accomplished. King of Angas! Now these Pandavas will wander in the forest for twelve years because they have been identified.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)