श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 38:  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  4.38.36 
एक: पुत्रो विराटस्य शून्ये संनिहित: पुरे।
स एष किल निर्यातो बालभावान्न पौरुषात्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
निर्जन विराट नगर में केवल एक ही पुत्र पालन-पोषण के लिए रह गया था; अतः वह अपनी बाल्यावस्था (मूर्खता) के कारण, बिना किसी प्रयत्न के, हमारे सामने आया॥ 36॥
 
In the deserted city of Virata, only one son was left to take care of; so due to his childhood (foolishness) he came to face us and not motivated by his own efforts.॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)