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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 36: उत्तरका अपने लिये सारथि ढूँढ़नेका प्रस्ताव, अर्जुनकी सम्मतिसे द्रौपदीका बृहन्नलाको सारथि बनानेके लिये सुझाव देना
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श्लोक 24
श्लोक
4.36.24
सा भ्रात्रा प्रेषिता शीघ्रमगच्छन्नर्तनागृहम्।
यत्रास्ते स महाबाहुश्छन्न: सत्रेण पाण्डव:॥ २४॥
अनुवाद
अपने भाई के भेजे जाने पर राजकुमारी उत्तरा तुरन्त नृत्यशाला में गयी, जहां पांडव पुत्र अर्जुन भेष बदलकर छिपा हुआ था।
Upon being sent by her brother, Princess Uttara quickly went to the dance hall where the mighty-armed son of Pandava, Arjuna, was hiding in disguise.
इति श्रीमहाभारते विराटपर्वणि गोहरणपर्वणि उत्तरगोग्रहे बृहन्नलासारथ्यकथने षट्त्रिंशोऽध्याय:॥ ३६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत विराटपर्वके अन्तर्गत गोहरणपर्वमें उत्तर दिशाकी ओरसे गौओंके अपहरणके प्रसंगमें बृहन्नलाका सारथ्यकथनसम्बन्धी छत्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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