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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 36: उत्तरका अपने लिये सारथि ढूँढ़नेका प्रस्ताव, अर्जुनकी सम्मतिसे द्रौपदीका बृहन्नलाको सारथि बनानेके लिये सुझाव देना
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श्लोक 23
श्लोक
4.36.23
एवमुक्त: स सैरन्ध्रॺा भगिनीं प्रत्यभाषत।
गच्छ त्वमनवद्याङ्गि तामानय बृहन्नलाम्॥ २३॥
अनुवाद
सैरन्ध्री के ऐसा कहने पर उत्तर ने अपनी बहन से कहा, 'हे निर्दोष शरीर वाली उत्तरा, जाकर बृहन्नला को बुलाओ।'॥23॥
Upon Sairandhri saying this, Uttara said to his sister, 'O Uttara of flawless body, go and call Brihannala.'॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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