श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 36: उत्तरका अपने लिये सारथि ढूँढ़नेका प्रस्ताव, अर्जुनकी सम्मतिसे द्रौपदीका बृहन्नलाको सारथि बनानेके लिये सुझाव देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.36.19 
तेन सारथिना पार्थ: सर्वभूतानि सर्वश:।
अजयत् खाण्डवप्रस्थे न हि यन्तास्ति तादृश:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इसी सारथि की सहायता से कुन्तीपुत्र अर्जुन ने खाण्डवप्रस्थ में सम्पूर्ण प्राणियों पर विजय प्राप्त की थी; अतः इसके समान कोई दूसरा सारथि नहीं है॥19॥
 
‘With the help of this charioteer, Kunti's son Arjuna conquered all creatures at Khandavaprastha; hence there is no other charioteer like him.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)