vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 36: उत्तरका अपने लिये सारथि ढूँढ़नेका प्रस्ताव, अर्जुनकी सम्मतिसे द्रौपदीका बृहन्नलाको सारथि बनानेके लिये सुझाव देना
»
श्लोक 19
श्लोक
4.36.19
तेन सारथिना पार्थ: सर्वभूतानि सर्वश:।
अजयत् खाण्डवप्रस्थे न हि यन्तास्ति तादृश:॥ १९॥
अनुवाद
इसी सारथि की सहायता से कुन्तीपुत्र अर्जुन ने खाण्डवप्रस्थ में सम्पूर्ण प्राणियों पर विजय प्राप्त की थी; अतः इसके समान कोई दूसरा सारथि नहीं है॥19॥
‘With the help of this charioteer, Kunti's son Arjuna conquered all creatures at Khandavaprastha; hence there is no other charioteer like him.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×