भीष्मो द्रोणश्च कर्णश्च कृपश्च परमास्त्रवित्।
द्रौणिश्च सौबलश्चैव तथा दु:शासन: प्रभो॥ २॥
विविंशतिर्विकर्णश्च चित्रसेनश्च वीर्यवान्।
दुर्मुखो दु:शलश्चैव ये चैवान्ये महारथा:॥ ३॥
अनुवाद
राजन! भीष्म, द्रोण, शस्त्रविद्या के श्रेष्ठ विद्वान कर्ण, कृपाचार्य, अश्वत्थामा, शकुनि, दुःशासन, विविंशति, विकर्ण, महाबली चित्रसेन, दुर्मुख, दुशाला तथा अन्य महान योद्धा भी दुर्योधन के साथ थे। 2-3॥
Rajan! Bhishma, Drona, Karna, the best scholar of weaponry, Kripacharya, Ashvatthama, Shakuni, Dushasana, Vivimshati, Vikarna, the mighty Chitrasen, Durmukh, Dushala and other great warriors were also with Duryodhana. 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥