श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 35: कौरवोंद्वारा उत्तर दिशाकी ओरसे आकर विराटकी गौओंका अपहरण और गोपाध्यक्षका उत्तरकुमारको युद्धके लिये उत्साह दिलाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.35.14 
आवर्तय कुरून् जित्वा पशून् पशुमतां वर।
निर्दहैषामनीकानि भीमेन शरतेजसा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
आप समस्त गौवंशधारी राजाओं में श्रेष्ठ हैं; अतः कौरवों को परास्त करके अपने गौवंश को वापस ले आइए तथा अपने बाणों की प्रचण्ड अग्नि से समस्त कौरव सेना का संहार कर दीजिए।
 
You are the best among all kings who possess cattle; therefore, defeat the Kauravas and bring back your cattle and destroy the entire Kaurava army with the fierce fire of your arrows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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