Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.34.4-5: विराट बोले - हे युद्ध में शत्रुओं का संहार करने वाले वीरों! ये रत्न और धन तुम्हारे और मेरे भी हैं। तुम सब लोग यहाँ सुखपूर्वक रहो और जिस काम में तुम्हारी रुचि हो, करो। मैं तुम सबको वस्त्र और आभूषणों से विभूषित कन्याएँ, नाना प्रकार के रत्न, धन और अन्य इच्छित वस्तुएँ देता हूँ॥4-5॥ | mahabharat अध्याय 4.34: राजा विराटद्वारा पाण्डवोंका सम्मान, युधिष्ठिरद्वारा राजाका अभिनन्दन तथा विराटनगरमें राजाकी विजयघोषणा । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विराट बोले - हे युद्ध में शत्रुओं का संहार करने वाले वीरों! ये रत्न और धन तुम्हारे और मेरे भी हैं। तुम सब लोग यहाँ सुखपूर्वक रहो और जिस काम में तुम्हारी रुचि हो, करो। मैं तुम सबको वस्त्र और आभूषणों से विभूषित कन्याएँ, नाना प्रकार के रत्न, धन और अन्य इच्छित वस्तुएँ देता हूँ॥4-5॥
Virat said - O heroes who kill the enemies in the war! These gems and wealth belong to you as well as to me. All of you live here happily and do the work in which you are interested. I give all of you girls adorned with clothes and ornaments, various types of gems, wealth and other desired things. ॥ 4-5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥