रात्रि में वहाँ से प्रस्थान कर वे दूत सूर्योदय तक विराट की राजधानी पहुँचे और वहाँ उन्होंने मत्स्यराज की विजय की घोषणा सर्वत्र की।
Departing from there at night, the messengers reached the capital of Virata by sunrise and there they announced the victory of the King of Matsyas everywhere.
इति श्रीमहाभारते विराटपर्वणि गोहरणपर्वणि दक्षिणगोग्रहे विराटजयघोषे चतुस्त्रिंशोऽध्याय:॥ ३४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत विराटपर्वके अन्तर्गत गोहरणपर्वमें दक्षिण दिशाकी ओरसे गौओंके अपहरणके
प्रसंगमें विराटके जयघोषसम्बन्धी चौंतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३४॥ (दाक्षिणात्य अधिक पाठके ६ १/२ श्लोक मिलाकर कुल २५ १/२ श्लोक हैं।)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)