श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 34: राजा विराटद्वारा पाण्डवोंका सम्मान, युधिष्ठिरद्वारा राजाका अभिनन्दन तथा विराटनगरमें राजाकी विजयघोषणा  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  4.34.17 
आचक्षध्वं पुरं गत्वा संग्रामविजयं मम।
कुमार्य: समलंकृत्य पर्यागच्छन्तु मे पुरात्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
'दूत! तुम सब लोग नगर में जाकर यह समाचार दो कि मैं युद्ध में विजयी हो गया हूँ। कुमारियाँ सज-धजकर मेरा स्वागत करने के लिए नगर से बाहर आएँ॥ 17॥
 
‘Messenger! You all go to the city and inform them that I have won the war. The virgin girls should dress up and come out of the city to welcome me.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)