vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 33:
»
श्लोक 36-37h
श्लोक
4.33.36-37h
ततो युधिष्ठिरो राजा त्वरमाणो महारथ:॥ ३६॥
अभिपत्य सुशर्माणं शरैरभ्याहनद् भृशम्।
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबली राजा युधिष्ठिर ने भी बड़ी शीघ्रता से सुशर्मा पर आक्रमण किया और उसे बार-बार बाणों से बींधना आरम्भ कर दिया।
Thereafter the mighty warrior King Yudhishthira also attacked Susarma with great haste and began piercing him with arrows repeatedly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×