| श्री महाभारत » पर्व 4: विराट पर्व » अध्याय 33: » श्लोक 20-22h |
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| | | | श्लोक 4.33.20-22h  | चापं वा यदि वा शक्तिं निस्त्रिंशं वा परश्वधम्।
यदेव मानुषं भीम भवेदन्यैरलक्षितम्॥ २०॥
तदेवायुधमादाय मोक्षयाशु महीपतिम्।
यमौ च चक्ररक्षौ ते भवितारौ महाबलौ॥ २१॥
सहिता: समरे तत्र मत्स्यराजं परीप्सत। | | | | | | अनुवाद | | धनुष, भाला, तलवार या कुल्हाड़ी, जो भी मानवास्त्र तुम्हें उपयुक्त लगे, जिससे तुम दूसरों को न पहचान सको, उसे लेकर शीघ्र ही राजा को बचा लो। ये पराक्रमी नकुल और सहदेव तुम्हारे रथ के पहियों की रक्षा करेंगे। तुम तीनों भाई मिलकर युद्ध में जाओ और राजा विराट को बचाओ।॥20-21 1/2॥ | | | | ‘Bow, spear, sword or axe, whatever human weapon you deem fit, so that you cannot be identified by others, take that and rescue the king quickly. These mighty Nakula and Sahadeva will protect the wheels of your chariot. All three of you brothers should join together in the battle and rescue King Virat.’॥ 20-21 1/2॥ | | ✨ ai-generated | | |
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